An Article On Nature In Hindi

Posted on | by ZETTA S.

an posting with nature on hindi

Friends  आप सबको प्रकृति  और मनुष्य का क्या regards है ये तो पता ही होगा । पर मै आज आपसे मनुष्य और प्रकृति  के एक अलग ही connection के बारे मे बात करूँगा। और वो रिलेशन है Coach और  Learner का । जी हाँप्रकृति  ही हमारी सबसे बड़ी Instructor है। ये हमे हर पल कुछ न कुछ सीखाती रहती है बस जरूरत है तो थोड़ा ध्यान देने का । आज तक मनुष्य ने जो कुछ भी हासिल किया है वो प्रकृति  से सीख लेकर ही किया है। न्यूटन को gravity का पाठ प्रकृति  ने ही सीखाया है। कई अविष्कार भी प्रकृति  से प्रेरित है। इन सबके अलावा प्रकृति  हमे ऐसे गुण भी सीखाती है जिससे हम अपने जीवन मे सकारात्मक परिवर्तन ला सकते है और इसे बेहतर बना सकते हैँ। वैसे इसकी List तो बहुत लम्बी हो सकती है पर मै यहाँ ऐसी 5 चीजे ही talk about कर रहाँ हूँ जो हम प्रकृति  से सीख सकते है:

1) पतझड़ का मतलब पेड़ का अंत नही :

कभी-कभी हमारे साथ कुछ ऐसा घटित हो जाता है जिससे हम बहुत poor महसूस करते है। ऐसा लगता है जैसे अब सब कुछ खत्म हो गया इससे कई लोग  a depressive disorder मे चले जाते है तो कई लोग बड़ा और बेवकूफी भरा कदम उठा लेते है जैसे आत्महत्या पर जरा सोचिये पतझड़ के समय जब पेड़ मे ऐक भी पत्ती नही बचती project with leadership essay तो क्या उस पेड़ का अंत हो जाता है?

नही। वो पेड़ हार नही मानता नए जीवन और बहार के आश मे खड़ा रहता है। और जल्द ही उसमे नयी पत्तियाँ आनी शुरू हो जाती है, उसके जीवन मे फिर से बहार आ जाती  है। यही प्रकृति  का नियम है। ठीक ऐसे ही अगर हमारे जीवन मे कुछ ऐसे damaging पल आते है तो इसका मतलब अंत नही बल्की ये इस बात का इशारा है कि हमारे जीवन मे भी नयी बहार आयगी। अत: हमे सबकुछ भूलकर नयी जिन्दगी की sample uk spiel essay spm example करनी चाहिये। और ये विश्वास रखना चाहिए कि नयी जिन्दगी पुरानी से कही बेहतर होगी।

2) कमल किचड़ मे भी रहकर अपना अलग पहचान बनाता है :

ये मेरी  most popular range है। यही बात मुझे बुराई के बीच रहकर भी अच्छा करने के लिये प्ररित करती है। जिस तरह कमल कीचड़ मे रहकर  भी अपने अंदर कीचड़ वाले गुण विकसित नही होने देता है उसी तरह चाहे हमारे आस-पास कितनी ही बुराईयाँ हो पर उसे अपने अंदर पनपने नही देना चाहिये। हमे अपना अलग पहचान बनाना चाहिये।

3) नदी का बहाव ऊँचाई से नीचे की ओर होता है : 

जिस तरह से नदी मे पानी का बहाव ऊँचे amount से नीचे  tier की ओर ही होता है उसी some sort of piece of writing with mother nature herself for hindi हमारी जिन्दगी मे भी प्रेम भाव का प्रवाह बड़े से छोटे की ओर होता है इसलिये हमे कभी भी अपने आप को दूसरो के सामने ज्ञानवान या बड़ा बताने की जरूरत नही है और इससे कोई फायदा भी तो नही है उल्टा प्रेम भाव हम तक बहकर नही आयेगा।

4) ऊँचे पर्वतों मे आवाज some sort of article about aspect within hindi परावर्तन:

  जब कोई पर्वत की ऊँची चोटी से जोर से आवाज लगाता है तो वही आवाज वापस लौटकर उसी को सुनाई देती है । विज्ञान मे इस घटना को reveal कहते है पर यही नियम हमारे जीवन मे भी लागू होता है। हम वही पाते है जो हम दूसरो को देते है। हम जैसा व्यवहार दूसरो के लिये करते है वही हमे वापस मिलता है यदि हम दूसरो का सम्मान करते है तो हमे भी सम्मान मिलेगा। यदि हम दूसरो के बारे मे गलत भाव रखेँगे तो वो वापस हमे ही मिलेगा। अत: आप जैसा भी व्यवहार करे याद रखिये कि वो लौटकर आपको ही मिलने वाला है।

5) छोटे पौधो के अपेक्षा विशाल पेड़ को तैयार होने मे ज्यादा समय लगता student composition designed for secondary education samples तरह विशाल पेड़ को तैयार होने मे ज्यादा समय लगता है उसी तरह हमारे महान लक्ष्य को भी पूरा होने मे समय लगता है। लेकिन कुछ लोग धैर्य नही रख पाते और अपना काम बीच मे ही छोड़ देते है। ऐसा करने वाले को बाद मे पछतावा ही मिलता है। Hence, बड़े लक्ष्य मे सफलता के लिये कड़ी मेहनत के अलावा धैर्य की भी आवश्यकता होती है।

दोस्तोंआइये हम भी प्रकृति से मिली इन सीखों को अपनी लाइफ में observe करें और एक बेहतर दुनिया का निर्माण करें.

All the actual best.

Pritam Kant

Student connected with Always be Very first year.

Bilaspur Chhattisgarh

इन रिलेटेड पोस्ट्स को भी ज़रूर पढ़ें :

I was gracious that will Mr.

an posting regarding character around hindi

Pritam Kant for giving this kind of inspirational Hindi page on Mother nature herself with AKC.

प्रीतम कान्त जी द्वारा कंट्रीब्यूट किये गए अन्य  लेख पढने के लिए यहाँ क्लिक करें .

यदि आपके पास Hindi में कोई article, inspirational story या जानकारी है जो आप हमारे साथ publish करना चाहते हैं तो कृपया उसे अपनी फोटो के साथ E-mail करें.

हमारी Identity है:[email protected].पसंद आने पर हम उसे आपके नाम और फोटो के साथ यहाँ Print करेंगे.

an posting in mother nature herself around hindi

Thanks!

Filed Under: Hindi Essay, Personal Progress, Self applied Advancement, Achievements, हिंदी निबंधTagged With: Design, Pritam Kant, प्रकृति

0 thoughts on “An article on nature in hindi”

Leave a Reply

Your e-mail will not be published. Required fields *

You may use these HTML tags and attributes:

<a href="" title=""> <abbr title=""> <acronym title=""> <b> <blockquote cite=""> <cite> <code> <del datetime=""> <em> <i> <q cite=""> <s> <strike> <strong>